उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियो के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व का तुलनात्मक अध्ययन

Author: नेहा प्रजापति & डॉ. स्वाति पाण्डेय

DOI Link: https://doi.org/10.70798/Bijmrd/04031023

Abstract: किसी भी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक वैज्ञानिक, सामाजिक एवं मानवीय क्षमता प्रदान करने वाले विद्यार्थी राष्ट्र की महत्वपूर्ण घरोहर है। अतः विद्यार्थियो का समुचित विकास प्रत्येक राष्ट्र के लिए आवश्यक है । समन्वित व्यवहार तथा प्रभावी अद्यिगम हेतु विद्यार्थियो का समग्र रूप से स्वस्थ्य होना आवश्यक है। जिससे वे राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दे तथा शक्ति सम्पन्न समर्थ, दक्ष और सार्थक नागरिक सिद्ध हो सके। मानसिक स्वास्थ्य का अभाव विभिन्न समस्याओ का कारण है। संसार के सभी मनुष्य शान्ति पूर्ण जीवन जीने की इच्छा रखते है। संतुष्ट तथा सुखमय जीवन का आधार अच्छास्वास्थ्य है। जो व्यक्ति को अर्थपूर्ण एवं सक्रिय जीवन जीने लिए प्रेरित करता है। स्वास्थ्य मानव का प्रमुख गुण है।इस शोध पत्र में न्यादर्शमें 100 विद्यार्थियों को लिया गया है शोध उपकरण मानसिक स्वास्थ्य के मापन के किए ए.के. सिंग एवं अल्पना सिंग गुप्ता एवं व्यक्तित्व के मापन के लिए के.एस. मिश्रा के द्वारा निर्मित उपकरण का उपयोग किया गया, शोध विधि में सर्वेक्षण विधि का उपयोग किया गया है । निष्कर्ष में उच्चमाध्यमिकस्तरपरबालकएवंबालिकाओंकेमानसिकस्वास्थ्यप्राप्तांकोमेंसमानताका आभावहै। उच्चमाध्यमिकस्तरपर, बालकएवंबालिकाओंकीव्यक्तित्व केप्राप्ताकोंमेंसमानताकाअभावहै। विद्यार्थियों के मानसिक स्वस्थ एवं व्यक्तित्व में सार्थक अंतर पाया गया है ।

Keywords: मानसिक स्वास्थ्य , व्यक्तित्व, विद्यार्थी , सर्वांगीण विकास ।

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